मंगलवार, 25 मई 2010

युवा शक्ति

युवा शक्ति

एक जल वर्षण

युग का आकर्षण

सीपी मे गिरे तो

मोती हो जाती है

अन्यथा समुद्र मे जाकर

खारी हो जाती है ।

20 टिप्‍पणियां:

Vishnukant Mishra ने कहा…

yuva sakti ke skaratmk upyog ke liye yeh prabhavi sandesh hai.

राजेन्द्र मीणा ने कहा…

कम शब्दों में असरदार रचना ,,,,,,सच और अच्छा लिखते है सर आप ...मैं आपके लेखन से बहुत प्रभावित हूँ

Babli ने कहा…

बहुत ही सुन्दर, शानदार और ज़ोरदार रचना ! बिलकुल सही बात का ज़िक्र किया है आपने! बढ़िया रचना!

Deepak Shukla ने कहा…

Namaskar..

Shakti Yuva apni pahchane..
Usko jaya jaane na den..
Rajneeti ke hathon padkar..
Shakti vyarth ganwane na den..

Paap, lobh, mad, dambh nahi ho..
Sahi soch ho sahi disha..
Satya, acharan sabka ho..aur..
Swasth ho sabki manodasha..

Sabko sang main lekar ke jo..
Yuva karm path badhe chalen..
Unnati ke paryay banege..
Desh ka gaurav bana rahe..

Sundar kavita..

Deepak..

Samay ho to mere blog par 'EK BHOLI SI LADKI" se bhi mil leejiyega..

Sadar..

DEEPAK..

arvind ने कहा…

uvaa shakti kaa shaanadaar vishlesan.

चैन सिंह शेखावत ने कहा…

युवा-शक्ति की संभावनाओं को सही तलाशा है आपने. सुंदर रचना.

श्रद्धा जैन ने कहा…

waah kam shabdon mein bahut prabhav shali rachna

मो सम कौन ? ने कहा…

अरुणेश जी, आपसे अक्षरष: सहमत।
युवा शक्ति को यदि सही दिशा मिल जाये तो चमत्कार दिख सकते हैं\

आभार।

मनोज कुमार ने कहा…

बहुत अच्छी प्रस्तुति। सादर अभिवादन।

सम्वेदना के स्वर ने कहा…

अरुणेश जी! यह कविता नहीं मंत्र है!!! कैसे कट गया आपसे और आप भी बड़ों का धर्म निभाते हुए कभी डाँटने नहीं आए... किंतु अब नहीं...आपके मंत्रसिक्त जल के लिए हम अपने मस्तिष्क के सीप का मुँह तो कम से कम खुला रखेंगे ही...

हर्षिता ने कहा…

गागर में सागर भरने वाली पोस्ट है अरुणेश जी।

Anand ने कहा…

Achhi prastuti

दिगम्बर नासवा ने कहा…

सच कहा ... युवा शक्ति को दिशा ज़रूरी है ...

jamos jhalla ने कहा…

सटीक++सार्थक+++समसामयिक विषय बधाई

singhsdm ने कहा…

युवा शक्ति

एक जल वर्षण

युग का आकर्षण

सीपी मे गिरे तो

मोती हो जाती है

अन्यथा समुद्र मे जाकर

खारी हो जाती है ।
युवा शक्ति को बहुत बारीकी से बयां कर गए हुज़ूर.......कम शब्दों में जो आपने कहा वो अद्भुत है......सार्थक रचना करने का हार्दिक आभार.......!

अरुण 'मिसिर' ने कहा…

इन बूँदोँ के लिए आप
जैसे समर्थ सुधीजन
सीप का कार्य करेँ
ताकि ये बूँदेँ खारी न
होने पाएँ और मोती
बन सकेँ।
सुंदर रचना

Arvind Mishra ने कहा…

युवा शक्ति -सुपरिभाषित !

डा. हरदीप सँधू ने कहा…

Kia baat hai !

Each word of the poem has deep meaning.
Thoughtful !

Hardeep

Saumya ने कहा…

thought provoking!

स्वप्निल कुमार 'आतिश' ने कहा…

solid.... yuva mann sach me swatui nakshatra ki boond jaisi hai .... bichho ke muh lage to vish...warna seepi me moti .. keleke phool me kapoor...