गुरुवार, 6 मई 2010

कसाव को फाँसी ; एक संवाद

( आतंकवाद का वर्चस्व है , आन्तरिक या वाह्य - खुलेआम ग्राह्य )

कसाव को फाँसी के
निर्णय के बाद
मुझे याद आ गयी
अफजल को फाँसी से
छोड़े जाने की फरियाद
जिस पर आज तक निर्णय न हुआ ।
सियारों की मीटिंग मे
क्या हुआ -
हुआ हुआ हुआ
हुक्की हुआ ।

32 टिप्‍पणियां:

आशीष/ ASHISH ने कहा…

दे देंगे मिश्र जी,
कौनसा देश में राशन ख़तम होने वाला है....
अतिथि देवो भव:
अच्छी चुटकी ली है!

Smart Indian - स्मार्ट इंडियन ने कहा…

क्या पता इस बार क़यामत हो जाए...

usha rai ने कहा…

जिस पर आज तक निर्णय न हुआ ।!
हमारे देश की कमजोरी है ! जो चिंता का विषय है !आभार !

मो सम कौन ? ने कहा…

जब होगी, तब मानेंगे।
बहुत से पड़ाव हैं अभी।
दिल्ली अभी दूर है।

O.L. Menaria ने कहा…

अदालत ने जरूर सजा सुना दी परन्तु अफजल की तरह कसाब भी जेल में मेहमानवाजी करवाता रहेगा क्योंकि हम में इतना साहस कहाँ की निर्दोष लोगों के हत्यारे को सद्दाम की तरह फांसी पर लटका दें.

अरुण 'मिसिर' ने कहा…

चक्षुविस्फारक व्यंग।
भारत होटल मेँ
हत्यारोँ को पाँच सितारा
सुविधाएँ उपलब्ध।
आइए हत्याएँ कीजिए
और सुविधा का लाभ
उठाइए, धन्यवाद।

sangeeta swarup ने कहा…

व्यंग के साथ एक चिंता भी अभिव्यक्त हुई ...जब फंदा गले में पड़ जाये तभी जानियेगा की वाकई फांसी हो गयी.....हमारा भारत महान

बेनामी ने कहा…

kasab to ek chiz hai karkhane ki!karkhane vale ko fansi hogi bhala kab !!

हरकीरत ' हीर' ने कहा…

अरुणेश मिश्र said...

लीलता शब्द इधर प्रचलन मे नही है . इसका अर्थ बताएँ तभी रचना पूरा आनन्द प्राप्त हो ।


आदरणीय अरुणेश जी ,

आपकी टिप्पणी पढ़ी और अपनी कविता पूरी छान मारी कहीं आपका कहा शब्द नहीं मिला .....

वैसे 'लीलता' शब्द भी प्रचलन में है यह 'लीलना' से बना है ....जिसका अर्थ है 'निगलना' .....!!
वैसे आप तो गुरु ज्ञानी हैं ...हो सकता है मैं ही गलत होऊं .....!!

कविता तो में कटाक्ष जोरदार है .....
बहुत खूब ....!!

Apanatva ने कहा…

khoob.........

भारतीय नागरिक - Indian Citizen ने कहा…

जिसे मन्त्री बनाना चाहिये उसे फांसी की सजा दी जा रही है.... दो सौ लोगों की हत्या=फांसी..
हजारों लोगों की हत्या=मन्त्री पद....

Dimpal Maheshwari ने कहा…

जय श्री कृष्ण.....बहुत खूब....
हमने mother's डे पर कुछ लिखा हें ब्लॉग पर .....आपके विचार जान ना चाहते हैं.....
{आये हम मिलकर उस माँ को याद करे ....
लबो पर जिसके कभी बद्दुआ नहीं होती,
बस एक माँ है जो खफा नहीं होती ---अज्ञात }

हर्षिता ने कहा…

कविता तो में कटाक्ष जोरदार है,बहुत खूब।

Indranil Bhattacharjee ........."सैल" ने कहा…

ज़ोरदार रचना है ... पर सच भी है ...
ये सोचने वाली बात है कि भारत को जिसने भी आक्रमण किया है सफल हुआ है और यहाँ राज किया है ... अनादिकाल से भारत हमेशा से एक गुलाम देश रहा है ... मेरी बातें बुरी लगे तो इतिहास की किताब उठाकर देख लीजिए ...
करोडो सियार के देश में शेर बहुत कम है ... तो क्या होगा ... हुआ हुआ ही होगा

hem pandey ने कहा…

कसाब और अफजल आतंकवादी और देश के दुश्मन हैं, इसलिए फांसी के हकदार हैं. लेकिन दिक्कत यह है कि वे मुसलमान भी हैं.

Babli ने कहा…

कसाब को फंसी की सज़ा तो सुनाई गयी है पर फांसी कब होगी ये हम सबको नहीं पता! कसाब की फंसी जितनी जल्दी हो जाए उतना ही अच्छा है क्यूंकि ऐसे आतंकवादी को जीने का कोई हक़ नहीं!

अनामिका की सदाये...... ने कहा…

mera Bharat mahan...its happen only in India.

pukhraaj ने कहा…

यही तो ख़ास बात है हमारे देश की .. दूध में से मक्खी निकाल ही नहीं पा रहे हैं .. जब फेंक दे तो ही जानिये ....

आशा जोगळेकर ने कहा…

हमारी सरकार कहां फांसी देने की जुर्रत कर पाएगी । सरकारी मेहमान बनके ठाठ से रहेंगे क्या अफजल और क्या कसाब ।

ज्योति सिंह ने कहा…

ye kram to hamesha chalta aaya hai ,faisle adhoore mod par thahar intjaar karte hai .satya vachan .umda .

दिगम्बर नासवा ने कहा…

इस बार ऐसा नही हो सकता ... क्योंकि वो पाकिस्तानी है हिन्दुस्तानी अल्पसंख्यक नही ...

Shobhna Choudhary ने कहा…

पता नहीं क्यों जल्द निर्णय नहीं लेते, कसब जैसे लोगों को तो जल्द से जल्द फांसी मिलनी चाहिए

mridula pradhan ने कहा…

bahot achche.

बेचैन आत्मा ने कहा…

अभी तो दूसरा इक्का मिला है
तीसरे की खोज जारी है....!

Vinay Prajapati 'Nazar' ने कहा…

चुटकी बड़ी तेज़ है!

आदेश कुमार पंकज ने कहा…

बहुत सुंदर
http://nanhen deep.blogspot.com/
http://adeshpankaj.blogspot.com/

sandhyagupta ने कहा…

Aage bhi shayad yhi hoga.

Hua hua hua..

JHAROKHA ने कहा…

aadarniy sir ,ekdam sahi baaat kahi hai aapne.aakisoch jayaj hai.
aisa hi hota hai.
poonam

निर्झर'नीर ने कहा…

लम्बे अरसे बाद आपके आँगन तक आना हुआ ..कई रचनाएँ पढ़ी,मन प्रसन्न हो गया ...............शशक्त और प्रभावी लेखन ,सार गर्भित समाज को सन्देश देतीरचनाएँ

Saumya ने कहा…

kuch keh nahi sakte....hogi bhi ya nahi....

Aparna Bajpai ने कहा…

Arunesh ji , sitapur ke hai aap. Achchha laga jankakar . By the way mai Sitapur ke mishrikh tahasil ke Kutubnagar Gaon ki hoo. Abhi Jamshedpur me rahti hun.

Huukki Hua padhkar ghar ki yyad aa gai aur apni mati ki sugand bhi.
Mere blog par aane ke liye dhanyawad. aapke agle comments ka intjar rahega.
Dr Rajgeet se poochhiyega kabhi - Unki Swet Shyam Dadhi ka raj kya hai. Mai ek bar poochh chuki hun. Achchha jawab mila tha.

Aparna Bajpai ने कहा…

Jis chheej ka nirnay hamara nyalay abhi tak na depaya uske bare me hame nirnay kar lena chahiye. Kssab ya aphjal nahi , Bat hai hamari nyaypalika ki HIMMAT ki. Dekhiye kitne din MEHMAAN NAWAJI hoti hai in Atankiyon ki !!!!!!!!!!!!!!!!!!